मंगलवार, 31 अगस्त 2021

राष्ट्र सम्पदा बेचकर,गाओ खुशी के गीत !

 भारत के जनतंत्र को,लगा भयानक रोग !

राजनीति में छा गए,दक्षिणपंथी लोग !!
नई आर्थिक नीति अब ,करती नए सवाल !
दुनिया के बाज़ार में, भारत क्यों बदहाल !!
क्यों रूपये की हार है,क्यों डालर की जीत !
मेहनतकशों से बैर है,धनवानों से प्रीत !!
क्यों अंधाधुंध निजीकरण,कपट कलेवर युक्त !
चोर-मुनाफाखोर क्यों,हो गए बंधन मुक्त ! !
मौद्रीकरण ठेकाकरण,जन विरोधी नीति!
राष्ट्र सम्पदा बेचकर,गा रहे खुशी के गीत !!
किस कारण से हो रहे,राष्ट्र रत्न नीलाम !
क्यों औने पौने बिक रहे,बीमा टेलीकाम ! !
लोकतंत्र की पीठ पर,लदा माफिया राज !
बिना कमीशन देश में,होय न कोई काज !!
कार्पोरेट्स से कर रहे, नेताजी अनुबंध !
मुनाफाखोरों पर नहीं,अब कोई प्रतिबन्ध!!
उदारीकरण के दौर में,हरदिन छटनी होय!
युवा बेरोजगार बिकल,भारत माता रोय !!
:- श्रीराम तिवारी

फाकें में साथ देनें कोई नही आ्येगा .

 हंसोगे अगर तो साथ हंसेगी दुनिया

रोओगे तो रहोगे निपट अकेले यार !
खुशी है ऐसी शै जो हम ढूंढते हैं बाहर ,
और गमों के भर रखें हैं भीतर भण्डार।
ठहाका लगाओ तो आसमां गूँज उठेगा ,
आह भरो तो पाओगे हर शख्स मौन है !
हर्ष उल्लासों की प्रतिध्वनियां मन पसंद,
मौन-मंद सिसकी तुम्हारी सुनता कौन है ?
खुशियां अगर बांटो तो लोग आएंगे तेरे दर,
दिखाओगे अपने गम, तो सब भाग जायेंगे !
हिस्सा आपके सुख में सभी बंटाना चाहेंगे ,
चाहते हुये भी दूसरे दु:ख नहीं बांट पायेंगे !
सुख में तो सारे होते ही हैं मीत जहाँ में ,
दुःख में कोई एक तुम ढूँडते रह जाओगे !
मौज-मजे में तुम्हारी बनते रहेंगे मीत सब,
गर्दिश में व्यंग्य वाणों से बच नहीं पाओगे !
यदि तुम कभी दावत दोगे तो भीड़ जुटेगी,
किंतु फाकें में साथ देनें कोई नही आ्येगा !
ज़िन्दगी में सब साथ देंगे,अगर सफल रहो,
मरते हुये किसी के कोई काम नहीं आयेगा !
श्रीराम तिवारी

इस्लाम जैसा आक्रामक मजहबी संगठन हिंदुओं का कभी नहीं रहा .

 दुनिया के तमाम अखवारों में रोते बिलखते भूखे मुस्लिम बच्चे,इस्लामिक आतंकियों की शिकार मुस्लिम महिलाओं के रुदन करते अश्रूपूर्ण नेत्र चीख चीख कर कह रहे हैं कि जो कुछ आज सीरिया,यमन, सूडान, ईराक, अफगानिस्तान और गिलगित बलुचिस्तान में बर्बर अत्याचार हो रहा है उसके लिये इस्लाम नही,बल्कि इस्लाम के मदरसे और कट्टरपंथी कठमुल्ले जिम्मेदार हैं!

अफगानिस्तान सहित समस्त इस्लामिक जगत में जो हो रहा है,वह सीधे सच्चे अमन पसंद मुसलमानों को और खास तौर से मुस्लिम महिलाओं को कतई पसंद नही है! महबूबा मुफ्ती और आशियां अंद्रावी जैसी भारत विरोधी मुस्लिम महिलाओं को सिर्फ एक हफ्ते के लिये अफगानिस्तान भेज दिया जाए, ये यदि वहां से सलामत लौट पाईं तो भी इनकी अक्ल ठिकाने जरूर आ जाएगी!
भारतमें कुछ ईसाई मुस्लिम और कुछ लकीर के फकीर अधकचरे प्रगतिशील बुद्धिजीवी लोग गाहे-बगाहे आरएसएस (संघ) की तुलना आईएसआईएस,अल-कायदा तालिवान या खूँखार हक्कानियों से करते रहते हैं। किंतु यह तुलना बेहद अफसोशनाक,हास्यापद और भ्रामक है। यह तुलना बंदर और घड़ियाल की जातक कथा को भी मात करती है!
इस काल्पनिक तुलनात्मकता में वैज्ञानिकता और तार्किकता का घोर अभाव है। वेशक मूलरूप से तत्वतः सभी साम्प्रदायिक संगठनों में 'धर्मान्धता' ही उनका लाक्षणिक गुण है। RSS[संघ ]और आईएसआईएस में समानता सिर्फ इतनी है कि दोनों संगठनों में 'अक्ल के दुश्मन' ज्यादा हैं! इसके अलावा इनमें और कोई समानता नहीं है!
मजहबी आधार पर इस्लामिक संगठनों के निर्माण ,उत्थान- पतन का इतिहास उतना ही पुराना है,जितना कि इस्लाम का इतिहास पुराना है।जबकि 'हिंदुत्व' का कॉन्सेप्ट ही तब अस्तित्व में आया जब मुस्लिम शासकों ने 1000 साल तक हिंदुओं पर राज किया, उनका हमेशा कत्लेआम किया,'जजिया' कर लगाया!
अंग्रेजों के आने के बाद ज्यों-ज्यों हिंदुओं पर दोहरे अत्याचार बढ़ते गये और हिंदु-मुस्लिम को एक सा मानने वाले दारा शिकोह जैसे मुगल वलीअहद और उसके उस्ताद को जब औरंगजेब के इस्लामिक कट्टरवाद ने लील लिया और जब हजारों पद्मनियों को जलती ज्वाला में जौहर करना पड़ा ,जब तमाम हिंदू ग्रंथ जला दिये गये और पंडित कतल कर दिये गये,तब हिंदुत्व का विचार *स्वामी समर्थ रामदास* जैसे संतों के मानस पटल पर अस्तित्व में आया !
किन्तु 'तब भी जेहादियों की तरह हिंदुओं का संगठन बनने का कोई साक्ष्य नहीं है। बेशक छत्रपति शिवाजी,अहिल्या बाई होल्कर और पेशवा जैसे हिन्दू जागीरदारों ने जरूर संकट ग्रस्त हिंदुत्व को 'संजीवनी' प्रदान की ! किन्तु इस्लाम जैसा आक्रामक मजहबी संगठन हिंदुओं का कभी नहीं बना।
1925 में जबसे RSS की स्थापना हुई तबसे श्यामाप्रसाद मुखर्जी,दीनदयाल उपाध्याय जैसे अनेक हिंदुवादी नेता और संघ के लाखों कार्यकर्ता मारे गये!तमाम कश्मीरी पंडित भी हलाक कर दिये गये! मैने व्यक्तिगत तौर पर हमेशा कट्टर हिंदुवाद की निंदा की है और अभी भी पहलू खां के हत्यारों की घोर निंदा करता हूँ! किंतु यह व्यापक तौर पर तब तक संभव नही जब तक कि मैं घातक इस्लामिक आतंकवाद की आलोचना भी खुलकर न करूं! यह संभव नही कि केवल हिंदूओं की निंदा करते रहो और इस्लामिक आतंकवाद पर चुप रहो!
जो लोग हिंदू संगठनों की तुलना ISI या तालिवान से करते रहते हैं, वे दोगले हैं! वे बेईमान हैं! क्या शाकाहारी गाय की तुलना हिंसक भेड़ियों से की जा सकती है? निरीह अहिंसक हिंदूओं की तुलना खूँखार मुस्लिम आतंकियों से करना सरासर पाखंड है!यह उनका दोगलापन है,जिसे हिंदुओं ने पहचान लिया और 2014 -2019 में केंद्रीय सत्ता से निर्वासित भी कर दिया !

कौने हरो मोरो जो नंदलाला,

 भादों की रैन घटा घन घोर,

प्रगटे यदुनंदन गेंद खिलैया!
खेलत गेंद गिरी जमुना में सो,
कूँद परो मोरो कृष्ण कन्हैया!!
गोकुल गांव में टेर मची उत,
इत रोवत जात यशोदा जू मैया!
कौने हरो मोरो जो नंदलाला,
कौने हरी मोरी सोन चिरैया!!

परों में जान रख, नजर को आसमानी रख..

 परिंदे हौसला कायम रख ,उड़ान जारी रख,

हर इक निगाह तुझ पर है ,ध्यान मानी रख।
बुलंदियाँ तेरी हिम्मत को आजमाएँगीं,
परों में जान रख, नजर को आसमानी रख।
परिंदे कई उड़े पहले , भटककर राह भूले ,
लौटकर नहीं आये,याद उनकी निशानी रख।
दहक़ता आसमाँ कहीं, बादल अँधेरा घुप्प ,
चमकती बिजलियाँ होंगीं,पुरुषत्व पानी रख।
भेदकर धुंध के उस पार,तेरा विहंगावलोकन ,
सितारों से आगे जहाँ और याद जुबानी रख !

शनिवार, 28 अगस्त 2021

उदारीकरण के दौर में,हरदिन छटनी होय

 भारत के जनतंत्र को,लगा भयानक रोग !

राजनीति में घुस गए,दक्षिणपंथी लोग !!
नई आर्थिक नीति अब ,करती नए सवाल !
दुनिया के बाज़ार में, भारत क्यों बदहाल !!
क्यों रूपये की हार है,क्यों डालर की जीत !
मेहनतकशों से बैर है,धनवानों से प्रीत !!
क्यों अंधाधुंध निजीकरण,कपट कलेवर युक्त !
चोर-मुनाफाखोर क्यों,हो गए बंधन मुक्त ! !
मौद्रीकरण ठेकाकरण,जन विरोधी नीति!
राष्ट्र सम्पदा बेचकर,गा रहे खुशी के गीत !!
किस कारण से हो रहे,राष्ट्र रत्न नीलाम !
क्यों औने पौने बिक रहे,बीमा टेलीकाम ! !
लोकतंत्र की पीठ पर,लदा माफिया राज !
बिना कमीशन देश में,होय न कोई काज !!
कार्पोरेट्स से कर रहे, नेताजी अनुबंध !
मुनाफाखोरों पर नहीं,अब कोई प्रतिबन्ध!!
उदारीकरण के दौर में,हरदिन छटनी होय!
बेरोजगार दुर्दशा देखकर,भारत माता रोय !!
:- श्रीराम तिवारी

शुक्रवार, 27 अगस्त 2021

भारत में इन्हें लोकतंत्र धर्मनिर्पेक्षता बड़ी प्यारी है

 निया के जिस किसी देश में वे बहुसंख्यक हैं,वहाँ उन्हें शरियत कानून नही चाहिए और जहां वे अल्पसंख्यक हैं ,वहाँ उन्हें शरियत कानून चाहिये,यदि सरकार नही माने तो दंगा फसाद की आजादी चाहिये! यदि फ्रांस में कोई कार्टून छपता है,तो इन्हें भारत में हिंसक तांडव और तोड़ फोड़ का अधिकार चाहिए! इनमें से कुछ कुटिल तत्व भारत के शुद्ध अहिंसावादी समाज की बहु बेटियोंको प्रेम जालमें फांसने के लिये खुली छूट चाहते हैं!

यदि यही हरकत वे उन देशों में करें, जहाँ इनका बहुमत है,तो वहाँ संगसार कर दिये जायेंगे या तालिबानों की भांति अपनी ही कौम की बहु बेटियों का जीना दूभर करते रहेंगे! भारत में इन्हें लोकतंत्र धर्मनिर्पेक्षता बड़ी प्यारी है!जबकि सीरिया,ईराक,यमन, पाकिस्तान में शरीया कानून लागू हो न हो किंतु अल्पसंख्यक के नाम पर भारत में इन्हें विशेषाधिकार चाहिए। जबकि मुस्लिम बहुल देशों से लेकर मुस्लिम बहुल मुहल्लों तक में किसी सात्विक हिंदू जैन,बौद्ध का सांस लेना मुश्किल हो रहा है

जीवन संग्राम में मेरा जब, खुद से मिलन हो गया।

 जिंदगी की राह में तभी ,

स्वार्थ का शमन हो गया!
ऊषा की लालिमा छटी,
भोर का आगमन हो गया !
जीवन का तमस ढल चुका,
मन मीत से मिलन हो गया !!
दिव्यता अलौकिक सजी
अंजुरी में पुष्प थे खिले।
देह जब धरा बन गई ,
विचार तब गगन हो गया ।।
शब्द ओस बिंदु बन गए,
छंद कलरव कर चले।
जिजीविषा अनन्य हो गई ,
ह्रदय नवनीत हो गया।।
संघर्ष पूर्ण मन्त्र सध गए ,
कर्म शंखनाद हो गए ।
तभी संघर्ष यज्ञवेदी पर ,
स्वार्थ का हवन हो गया।।
अहम का वहम मिट गया,
अस्तित्व सब वयम हो गया ।
जीवन संग्राम में मेरा जब,
खुद से मिलन हो गया।।
जिंदगी की राह में तभी ,
स्वार्थ का शमन हो गया!
श्रीराम तिवारी

आस्तीन के सांप

 ISIS वाले,तालिबान वाले,अलकायदा वाले हक्कानी वाले,सबके सब पाकिस्तानी फौज की पैदायश हैं! *अतीत का अमेरिका* भी कुछ हद तक इन तत्वों को पालने पोषने के लिये जिम्मेदार है!ये तमाम बहशी दहशतगर्द अफगानिस्तान,भारत समेत सारी दुनिया को लहूलुहान करने पर तुले हुए हैं! इधर भारत में पल रहे आस्तीन के सांप,भारतीय लोकतंत्र और धर्मनिर्पेक्षता के खिलाफ जहर उगल रहे हैं!

पाकिस्तानी आतंकियों ने ISIS के निर्देश पर काबुल ऐयर पोर्ट पर बम ब्लास्ट करके सैकड़ों मुसलमान मार डाले, किंतु भारत के किसी मुसलमान नेता ने इस हमले की आलोचना नही की ! सैकड़ों निर्दोषों की मौत पर मौन धारण करने वाले लोग कश्मीर से लेकर केरल तक भारत के खिलाफ बिषवमन करते रहते हैं!
अफगानिस्तान में हुए आतंकी हमले में मारे गये मुसलमान क्या बिरादराना सौहाद्र के काबिल नही ? असदउद्दीन ओवैसी,मुनब्वर राणा जैसे बड़बोले बयानवीर अब चुप क्यों हैं!

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जब देश के अन्दर धर्म मजहब के शैक्षणिक ठिकानों, रोहिंग्या डेरों और मुल्क की राजनीति में पनप रहे हिंसक आपराधिक गिरोहों की राष्ट्रविरोधी हरकतों का ही अता -पता नही है ! इंदौर,उज्जैन,महिदपुर,खंडवा इत्यादि शहरों में पाकिस्तान परस्त बदमाश आतंकी भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते देखे गये ! जब अपने घर में पनप रहे बदमाशों की पूर्व जानकारी सरकार के पास नहीथी तो आईएसआई, तालिबान, हक्कानी अलकायदा और चीन की चालाकियों की खबर क्या खाक होगी ?

सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तान हूँ मैं!

 मैं एक संप्रभु राष्ट्र हूँ,किसी के लिए मातृभूमि हूँ,किसी के लिए मादरे-वतन हूँ ! किसी के लिए सारे 'जहाँ से अच्छा हिंदोस्ता हमारा' हूँ ! किसी के लिए आरक्षण की वैतरणी हूँ ! किसीके लिए तिजारत का बहुत बड़ा बाजार हूँ ! किसी के लिए धर्मनिरपेक्ष -समाजवादी गणतंत्र हूँ!किसीके लिए सिर्फ सत्ता प्रतिष्ठान हूँ ! किसी के लिए जेहाद का खुरासान हूँ ! किसी के लिए धर्मांतरण की पवित्र उर्वरा भूमि हूँ ! किसी के लिए महज एक विस्तृत चरागाह हूँ ! अपने पड़ोसियों से मुझे हमेशा धोखा मिलता रहा,फिर भी जिंदा हूँ और आबाद हूँ मैं! क्योंकि सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तान हूँ मैं!


गुरुवार, 26 अगस्त 2021

एक दिलचस्प गणित

जीवन का एक सुन्दर गणित-- इसे देखें, समझें चिंतन करें ।

यदि A, B, C, D, E, F, G, H, I, J, K, L, M, N, O, P, Q, R, S, T, U, V, W, X, Y, Z = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26
यानी A to Z का मान यदि इस प्रकार लें जहां 😘
A=1, B=2, C=3, D=4, E=5, F=6, G=7, H=8, I=9, J=10, K=11, L=12, M=13, N=14, O=15, P=16, Q=17, R=18, S=19, T=20, U=21, V=22, W=23, X=24, Y=25, Z=26
तो .......
Hard Work:
H+A+R+D+W+O+R+K= 8+1+18+4+23+15+18+11=98%
Knowledge:
K+N+O+W+L+E+D++E=
11+14+15+23+12+5+4+7+5=96%
Luck:
L+U+C+K=
12+21+3+11=47%
यानी इनमें से कोई भी 100% स्कोर नही कर सकता, तो फिर वह क्या है जो 100% कर सकता है ?????
Money?? जी नही, यह, 72% है
Leadership?? जी नही, यह भी सीर्फ 97% ही है ।
तब ??
जीवन की सभी समस्याओं का समाधान संभव है, यदि हमारा ATTITUDE या दृष्टिकोण सही हो ।
जी हां, सिर्फ हमारा ATTITUDE ही हमारे जीवन को कर सकता है 100% सफल .........
A+T+T+I+T+U+D+E=
1+20+20+9+20+21+4+5=100%
◆अतः दृष्टिकोण बदल जायेगा तो जीवन बदल जायेगा।
🙏🌹🪔🪔🌹🙏