मंदिरों में चंदा चोरी और दान दक्षिणा के बहाने सपा वाले और चंदूलाल रावण वाले,आजकल सनातन धर्म पर मलेच्छों की तरह टूट पड़े हैं। मैं भी एक शुद्ध सनातनी ब्राह्मण हूँ,लेकिन मैने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा। जिंदगी में यदि कुछ श्रद्धालू दानदाताओं ने श्रद्धापूर्वक मुझे कुछ दिया हो और मुझे ज्ञात न हो तो वह इतना छुद्र कि उससे मेरे परिवार का गुजारा एक दिन भी न चले।
इंकलाब ज़िंदाबाद !
progressive Articles ,Poems & Socio-political -economical Critque !
मंगलवार, 25 अगस्त 2026
क्या मुलायम सिंह बाकई यादव था
कारसेवकों पर गोली चलवाने के बाद एक सवाल हमेशा मेरे मन में उठता रहा है कि क्या मुलायम सिंह बाकई यादव था? अखिलेश का तो पूरा यकीन है कि वह जो भी हो किंतु 'श्रीराम विरोधी' अवश्य है, मतलब वह हिन्दू कतई नहीं है
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