बुधवार, 5 सितंबर 2018

#समीर_अमीन:महान अर्थशास्त्री एवं मार्क्सवादी.


आज तक अस्तित्वमान समाज का इतिहास वर्ग संघर्षों का इतिहास रहा है.
स्वतंत्र नागरिक और दास,पैट्रीशियन और प्लेबियन, सामंत और भूदास,गिल्ड मास्टर और कमेरा---संक्षेप में
बराबर एक दूसरे का विरोध करते आए हैं.वे कभी छिपे ,कभी प्रकट रूप से लगातार एक दूसरे से लड़ते रहे हैं,जिस लड़ाई का अंत हर बार या तो पूरे समाज में क्रांतिकारी पुनर्गठन में,या संघर्षरत वर्गों की बर्बादी में हुआ है.------कम्युनिष्ट मेनिफेस्टो
मिस्र के प्रख्यात मार्क्स्वादी अर्थशास्त्री समीर अमीन ने कहा कि कम्युनिष्ट घोषणापत्र की यह पंक्तियां एक लंबे समय तक मेरे सोच में घूमती रही है.ये बात अमीन ने मार्क्स के २००वीं वर्षगांठ पर अपने अन्तिम अवतरण में लिखते हैं.वह कहते हैं कि अनवरत क्रांति ही हमारी परिधि के कार्यवस्तु में है.वह कहते हैं
However bad the situation — harshness and ugliness everywhere — our struggles were unbeaten and our futures uncharted. As long as we are resisting, he would say, we are free.
४० वर्षों से समीर अमीन डकार(सेनेगल) स्थित Third World Forum का नेतृत्व कियेऔरअपने लंबे अनुभवों के बाद उन्होंने उपर्युक्त बातें कही.
सोवियत रूस के पतन औरअमेरिका के र्निविवाद महाशक्ति के बनने के बाद उन्होंने अपनी पुस्तक empire of chaos मे नये दौर के बारे में लिखा कि
असमानता बढ़ेगी.मजदूरों का शोषण तेज होगा.खेतीबारी
तबाह होंगे और राजनीतिक अस्थिरता तेज होगा.ये बात
उन्होंने १९९२ में रूस के पतन के बाद कही थी.आज हम इसे देख रहे हैं.वह पाते हैं कि आज पूरी मानवता खतरे हैं .आखिर विकल्प क्या है?वह कहते हैं कि विकल्प वही है जो कम्युनिष्ट घोषणापत्र में लिखा है.
अमीन मिस्र की राजधानी कायरो में सन 1931 में जन्में थे. कायरो में रहते हुए फ्रेंच पद्धति में उनकी स्कूली शिक्षा हुई और फिर उच्च शिक्षा के लिए समीर अमीन ने पेरिस यूनिवर्सिटी से राजनीतिक अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की. समीर अमीन ने 1957 से 1960 मिस्र सरकार के प्लानिंग डिपार्टमेंट में काम किया.
लेकिन फिर मिश्र में गमाल अब्दुल नासिर का प्रभाव बढ़ने लगा और वहां से वामपंथियों का दमन तेज हो गया. समीर अमीन को भी बिगड़ते माहौल में 1960 से 1963 तक नए बने देश माली में योजना मंत्रालय से संबद्ध कर भेज दिया गया.इस दौरान लगभग एक दशक तक वह संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीकन इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड प्लानिंग के डायरेक्टर रहे. इसके अलावा 1980 से अबतक समीर अमीन थर्ल्ड वर्ल्ड फोरम के अफ्रीकन ऑफिस का संचालन कर रहे थे.
हाल में ही १३अगस्त,२०१८ विश्व विख्यात मार्क्सवादी समीर अमीन का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया.
३सितंबर को उनके जन्मदिन पर शत शत नमन.

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