मंगलवार, 25 अगस्त 2026

बिधर्मी म्लेच्छ सनातन धर्म की दान दक्षिणा के पवित्र विश्वास का मजाक बना रहे हैं।

 मंदिरों में चंदा चोरी और दान दक्षिणा के बहाने सपा वाले और चंदूलाल रावण वाले,आजकल सनातन धर्म पर मलेच्छों की तरह टूट पड़े हैं। मैं भी एक शुद्ध सनातनी ब्राह्मण हूँ,लेकिन मैने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा। जिंदगी में यदि कुछ श्रद्धालू दानदाताओं ने श्रद्धापूर्वक मुझे कुछ दिया हो और मुझे ज्ञात न हो तो वह इतना छुद्र कि उससे मेरे परिवार का गुजारा एक दिन भी न चले।

एक खास बात और कहना चाहूंगा कि अक्सर हमें दान देने वाले दलित आदिवासी और बौद्ध कभी नहीं होते।केवल सवर्ण ही दान दक्षिणा देते हैं।क्योंकि केवल सवर्ण हिन्दू ही दान पुण्य में विश्वास रखते हैं।कभी किसी दलित आदिवासी ने न हमें कुछ दिया और न हमने उनसे ( दलित आदिवासी) से कभी कुछ मांगा। बेचारे जो गरीब दलित आदिवासी अपना ही गुजारा नही कर पाते, वे दान पुण्य क्या खाक करेंगे?
फेसबुक इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया पर कुछ यदु मुल्ले और चंद्रशेखर रावण के जहरीले प्रचार से प्रेरित बिधर्मी म्लेच्छ सनातन धर्म की दान दक्षिणा के पवित्र विश्वास का मजाक बना रहे हैं।जबकि इन राक्षसों ने कभी किसी गरीब को दान में एक धैला नहीं दिया होगा।
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