बुधवार, 21 अगस्त 2024

मुस्लिमों के आतंक से दु:खी होकर.............!

 मुस्लिमों के आतंक से दु:खी होकर , मुसलमानों पर सबसे ज्यादा जुल्म करने वाले देश*

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1. - *चीन 😘 रोजा , रमजान , नमाज , दाढ़ी , बुरखा .; सब प्रतिबंधित❗
2. - *म्यांनमार 😘 मुस्लिम आतंकी को देखते ही मारने का आदेश , मस्जिदें लगभग सभी गिरा दी गयी❗
3. - *जापान 😘 इस्लाम प्रतिबंधित , इस्लाम का प्रचार , एक क़ानूनी अपराध ! संयुक्त राष्ट्र से किसी मुस्लिम को शरण देने से साफ मना कर दिया❗
4. - *अंकोला 😘 इस्लाम प्रतिबंधित❗
5. - *फ़्रांस 😘 210 मस्जिदे , एक दिन में गिराई❗
6. - *ऑस्ट्रेलिया 😘 सभी मुस्लिमो को दी चेतावनी , कानून माने या देश छोड़े❗
7. - *ब्रिटेन 😘 मुस्लिम से भेदभाव और नफरत❗
8. - *अमेरिका 😘 एयरपोर्ट पर ही चड्डी उतरवा लेना , *शाहरुख़ और आज़म खान* भुक्तभोगी❗
9. - *इसराइल 😘 मुस्लिम का कट्टर शत्रु , ईंट का जवाब पत्थर से❗
10. - *श्रीलंका 😘 सभी मस्जिदों की तलाशी व बुरखा पर बैन❗
• *अब मुस्लिम देशो में मुस्लिम का हाल*❗
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1. - *पाकिस्तान 😘 शिया सुन्नी के नाम पर हर साल दंगे , औसतन पाकिस्तान में हर साल 4,000 शिया व अहमदी क़त्ल किये जाते है❗
2. - *अफगानिस्तान 😘 आये दिन बम धमाके , बेकसूर मुस्लिमो की मौत❗
3. - *इराक 😘 शिया सुन्नी की लड़ाई और बम धमाके❗
4. - *ईरान 😘 सुन्नियो से नफरत , सऊदी अरब से नफरत❗
5. - *लीबिया 😘 आये दिन , बम धमाके❗
6.- *सीरिया 😘 दंगे , बम धमाके❗
7. - *मिस्र 😘 शिया सुन्नी संघर्ष❗
8. - *बांग्लादेश 😘 आये दिन , बम धमाके❗
▪फिर भी भारत में मुस्लिम पर *अत्याचार* होता है , यहाँ ये *सुरक्षित* नहीं है...!!!! क्योकि *जब चाहे , ये तिरंगे को जला सकते है और भारत माता को गाली दे सकते है*❗
• *हिंदू जनता के टुकडो पे पलने वाले और सरकारसे हर महीना १८००० रूपया पेन्शन लेनेवाले "नमकहराम, गद्दार" मौलाना बरकती जैसे लोग , प्रधानमंत्री को "गाली" देते हैं..*❗
• *हिन्दुओ के देवी - देवताओं की अश्लिल पेंटिंग बना सकते है*❗
• *ओवैसी जैसे "छपरी, सडकछाप नेता" , 15 मिनट में 100 करोड़ हिन्दुओं की गर्दन काटने की बात करते हैं*❗
• *हुर्रियत के नेता , पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते हैं*❗
• *बंगाल और असम के मुस्लिम गद्दारी करते हुए , बंगलादेशियो को शरण दे रहे हैं*❗
• *और एक पाखण्ड का दूसरा नाम "आमिर खान"...*❗
*" सत्यमेव जयते "* के इतने एपिसोड आमिर खान लेकर आया , लेकिन कभी भी उसने इस्लाम में होने वाले *" हलाला " , " गजवा हिन्द " , " ट्रिपल तलाक " , " मदरसा छाप शिक्षा " , " पत्थर-बाजी " , " जनसंख्या-विस्फोट " , " बहु विवाह " , " अशिक्षा " , " बुरका " , " खुला " , जिहाद और आतंकवाद* .; जैसी *मुस्लिम धर्म* की सामाजिक बुराइयों पर एपिसोड नही बनाया ! केवल *हिन्दू धर्म* की सामाजिक बुराई दिखाता रहा...❗
*इतनी मनमानी , अनियंत्रता प्राप्त होने पर भी , ये "हरामजादे" कहते है कि इन पर भारत में "जुल्म" होता है* ‼️
एक ऐसा सच जो आपको आज तक नहीं बताया गया ????
भारत में 3 लाख मस्जिदें हैं।
जो अन्य किसी देश में भी नहीं है
वाशिंगटन में 24 चर्च हैं
लन्दन में 71 चर्च
और इटली के मिलान शहर में 68 चर्च हैं।
जबकि अकेले दिल्ली में 271 चर्च हैं।
लेकिन हिन्दू फिर भी सांप्रदायिक है ?
किसी सेकुलर के पास इसका जवाब ???
मैंने ISIS का विरोध करते किसी मुस्लिम को नहीं देखा है।
*पर RSS का विरोध करते हुए लाखो हिन्दू देखे है।*
मैंने किसी मुस्लिम को होली दीवाली की पार्टी देते नहीं देखा है पर *हिन्दुओ को इफ्तार पार्टी देते देखा है।*
मैंने कश्मीर में भारत के झंडे जलते देखे है।
पर कभी पाकिस्तान का झंडा जलाते हुए मुसलमान नहीं देखा है।
*मैंने हिन्दुओ को टोपी पहने मजारो पर जाते देखा है।*
पर किसी मुस्लिम को टिका लगाते मंदिर जाते नहीं देखा है।
*मैंने मिडिया को विदेशो के गुण गाते देखा है।*
*पर भारत के संस्कार के प्रचार करते नहीं देखा है।*
कुछ तो इसे शेयर भी नहीं करेंगे।
करबद्ध निवेदन करता हूँ की कृपया अधिक से अधिक शेयर करे।
मैनें आज तक
राम बूट हाउस
लक्षमण लेदर स्टोर्स
माँ वैष्णो लस्सी भंडार
शंकर छाप तंबाकू,
बजरंग पान भंडार
गणेश छाप बीडी,
लक्ष्मी छाप पटाखे
कृष्णा बार ऐंड रेस्टारेंट
जय माँ अम्बे होटल ( चाय नाश्ता )
इस तरह के प्रोडक्ट और दुकाने आपको हर जगह पर दिखाई देंगी
लेकिन,
आज तक मेनें
अल्लाह छाप गुटका,
खुदा छाप बीडी
ईसा मसीह छाप तंबाकू बिकते नहीं देखा।
*मुसलमान और ईसाई से हम तथाकथित हिन्दू यह सीखे की अपने "धर्म का सम्मान" कैसे किया जाता है।*
*अपने भगवान् और उनके प्रतिक चिन्हों को कचरे में और रास्तो पर ना फेंके। अपने धर्म का सन्मान करे।*
*संभव हो तो ऐसी चिन्हों वाली वस्तुए कतई ख़रीदे ही नहीं।*
*कंपनिया अपने आप सुधार में आ जायेगी।*
👏कम से कम 1 लोगों को जरूर भेजे👏 ।
कुछ अहंकारी आगे नही भेजेंगे !
कारण धर्म से ही
उनकी दुकान चलती है !
जनहित में जारी 👍👍👍
*वन्देमातरम...जय हिंद......🙏🙏🙏🙏🙏*

हर कोई पैदायशी हरिष्चंद्र नही होता

 यह अकाट्य सत्य है कि नाम,यश,कीर्ती के परे असीम आनंद के आवेग में नकारात्मक सोच का कुटिल व्यक्ति भी ह्रदय परिवर्तन का सौभाग्य प्राप्त कर सकता है! मरा मरा कहने वाला रत्नाकर डाकू भी एक दिन बाल्मीकी के रूप में रामायण जैसे महा काव्य की रचना कर सकता है ! इतिहास में अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं जब किसी दुष्ट खलनायक को नायक बनते देखा गया!

वैसे भी हर कोई पैदायशी हरिष्चंद्र नही होता,देश काल परिस्थितियां और सोच- ये सब मिलकर ही व्यक्ति,वस्तु और परिवेश की दिशा और दशा तय करते हैं!अत: यह जरूरी नहीं कि जो पूर्व में बदमाश रहा,वह कालांतर में ह्रदय परिवर्तन के उपरांत बोधत्व को प्राप्त न हो सके ! हालाँकि इसका प्रतिलोम भी संभव है! बहरहाल तमाम खामियों के बावजूद भारत के मौजूदा भाग्यविधाता राष्ट्र के प्रति यथेष्ट उत्तरदायी सिद्ध हो रहे हैं! ईश्वर का बहुत बहुत धन्यवाद!

विराट हिंदू समाज की जाति वर्ण व्यवस्था

 विराट हिंदू समाज की जाति वर्ण व्यवस्था

पर अंगुली उठाने वालों को पेश है :-यथार्थ नज़रिया
* ****
*मैंने पूछा---*
*मौलाना साहब, जन्नत में कौन से लोग जायेंगे हिन्दू या क्रिस्चियन ?*
*मौलाना ---*
*गुस्से में बोले केवल मुसलमान I*
*जी, कौन से मुसलमान?शिया या सुन्नी.?*
*मौलाना तुरन्त बोल पड़े ---*
*बेशक सुन्नी जनाब।*
*मैंने मौलाना से पूछा ---*
*जी सुन्नी में तो 2 वर्ग है उनमें से कौन.?*
*मुकल्लिद या* *गैर-मुकल्लिद.?*
*मौलाना तुरन्त बोल उठे --*
*- केवल मुकल्लिद जायेंगें !*
*मैंने फिर पूछ लिया ----*
*जी, मुकल्लिद में तो चार हैं। उनमें से से जन्नत कौन जाएगा .?*
*मौलाना बड़े इत्मीनान से बोले ----*
*महज हनफी , और कौन.?*
*मुझसे फिर नहीं रहा गया तो मैने मौलाना से पूछ लिया ---*
*जी, पर हनफी में तो देबबंदी और बरेलवी दोनों हैं फिर उनमें से कौन जन्नत जाएगा ???..*
*मौलाना ने छूटते ही जबाब दिया कि ----*
*भाई मेरे केवल देबबंदी ही जन्नत जाने के हकदार होते हैं I*
*मैंने भी सोच लिया था कि आज मौलाना को बेइज्जत करके के ही भगाना है सो फिर कहा----*
*बहुत शुक्रिया.......*
*परन्तु मौलाना साहब..... देबबंदी में भी तो 2 होते हैं.......*
*हयाती और ममाती दोनों हैं,*
*तो उन दोनों में से कौन जन्नत जाएगा हुजूर ?*
*इसके बाद मौलानासाहब गायब हो गये ,वो दोबारा दिखे ही नहीं...!!*
*निवेदन है आपसे, इस पोस्ट को शेयर करें .... ताकि हमारे यहाँ के तथाकथित जातिवाद का मज़ाक उडाने वालों को करारा जबाब मिल जाए*
😃😃😃😃😃😃😃😃
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नई सुबह जरूर आएगी।

 हरएक स्याह रात के बाद ,

नई सुबह जरूर आएगी।
तलाश है ज़िसकी मानव को,
वो मौसमे बहार फिर आएगी।।
दैहिक कामनाओं से इतर मन,
जब उठने लगेगा कुछ ऊपर,
सुख दुख के उस पार बहुत दूर,
छितिज में जिंदगी मुस्कराएगी।
समष्टि चेतना की अर्चना करोगे,
रूहानी इबादत करोगे तत्वम् असि,
संवेदनाओं की बगिया खिलखिलाएगी।
जिंदगी की तान सुरीली हो,
कदम ताल सधे हों राह में ,
तो जीवन व्योम में बज उठेंगे,
वाद्य वृन्द भोर गुनगुनायेगी!
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श्रीराम तिवारी

हिन्दू और मुसलमान दोनो ध्यान दें!

 हिन्दू और मुसलमान दोनो ध्यान दें!

250 वर्ष का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि "आधुनिक विश्व मतलब 1800 के बाद जो दुनिया मे तरक्की हुई, उसमें पश्चिमी मुल्कों का ही हाथ है ।"
हिन्दू और मुस्लिम का इस विकास में 1% का भी योगदान नहीं है। आप देखिये कि 1800 से लेकर 1940 तक हिंदू और मुसलमान सिर्फ बादशाहत या गद्दी के लिये लड़ते रहे।
अगर आप दुनिया के 100 बड़े वैज्ञानिकों के नाम लिखें तो बस एक या दो नाम हिन्दू और मुसलमान के मिलेंगे।
पूरी दुनिया मे 61 इस्लामी मुल्क हैं, जिनकी जनसंख्या 1.50 अरब के करीब है, और कुल 435 यूनिवर्सिटी हैं जबकि मस्जिदें अनगिनत।
दूसरी तरफ हिन्दू की जनसंख्या 1.26 अरब के करीब है और 385 यूनिवर्सिटी हैं जबकि मन्दिर 30 लाख से अधिक।
अकेले अमेरिका में 3 हज़ार से अधिक और जापान में 900 से अधिक यूनिवर्सिटी है़ जबकि इंगलैंड और अमेरिका दोनों देशों में करीब 200 चर्च भी नही हैं।
ईसाई दुनिया के 45% नौजवान यूनिवर्सिटी तक पहुंचते हैं।
वहीं मुसलमान नौजवान 2% और हिन्दू नौजवान 8 % तक यूनिवर्सिटी तक पहुंचते हैं।
दुनिया की 200 बड़ी यूनिवर्सिटी में से 54 अमेरिका, 24 इंग्लेंड, 17 ऑस्ट्रेलिया, 10 चीन, 10 जापान, 10 हॉलैंड, 9 फ्रांस, 8 जर्मनी, 2 भारत और 1 इस्लामी मुल्क में हैं जबकि शैक्षिक गुणवत्ता के मामले में विश्व की टॉप 200 में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं आती है।
अब हम आर्थिक रूप से देखते हैं।
अमेरिका की जी.डी.पी 14.9 ट्रिलियन डॉलर है।जबकि पूरे इस्लामिक मुल्क की कुल जी.डी.पी 3.5 ट्रिलियन डॉलर है।
वहीं भारत की 1.87 ट्रिलियन डॉलर है।दुनिया में इस समय 38000 मल्टीनेशनल कम्पनियाँ हैं। इनमे से 32000 कम्पनियाँ सिर्फ अमेरिका और यूरोप में हैं।
अब तक दुनिया के 10000 बड़े अविष्कारों में 6103 अविष्कार अकेले अमेरिका में
दुनिया के 50 अमीरो में 20 अमेरिका, 5 इंग्लेंड, 3 चीन, 2 मक्सिको, 2 भारत और 1 अरब मुल्क से हैं।
अब आपको बताते हैं कि *हम हिन्दू और मुसलमान जनहित, परोपकार या समाज सेवा में भी ईसाईयों से पीछे हैं।
रेडक्रॉस दुनिया का सब से बड़ा मानवीय संगठन है। इस के बारे में बताने की जरूरत नहीं है।
बिल गेट्स ने 10 बिलियन डॉलर से बिल- मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की बुनियाद रखी जो कि पूरे विश्व के 8 करोड़ बच्चों की सेहत का ख्याल रखती है।जबकि हम जानते हैं कि भारत में कई अरबपति हैं।मुकेश अंबानी अपना घर बनाने में 4000 करोड़ खर्च कर सकते हैं और अरब का अमीर शहज़ादा अपने स्पेशल जहाज पर 500 मिलियन डॉलर खर्च कर सकता है।
राजनीतिक दलों के सेवन स्टार रेटेड कार्यालय बन जाते हैं मगर मानवीय सहायता के लिये कोई आगे नही आ सकते हैं।
यह भी जान लीजिये कि ओलंपिक खेलों में अमेरिका ही सब से अधिक गोल्ड जीतता है। हम खेलो में भी आगे नहीं।
हम अपने अतीत पर गर्व तो कर सकते हैं किन्तु व्यवहार से स्वार्थी ही हैं।
आपस में लड़ने पर अधिक विश्वास रखते हैं, मानसिक रूप से हम आज भी अविकसित और कंगाल हैं।
बस हर हर महादेव, जय श्री राम और अल्लाह हो अकबर के नारे लगाने मे हम सबसे आगे हैं।
अब जरा सोचिये कि हमें किस तरफ अधिक ध्यान देने की जरुरत है। क्यों ना हम भी दुनिया में मजबूत स्थान और भागीदारी पाने के लिए प्रयास करें बजाय विवाद उत्पन्न करने के और हर समय हिन्दू मुस्लिम करने के?
और हां इसके लिए केवल सरकारें या राजनीति ही जिम्मेदार नहीं हैं। बल्कि सब कुछ जानते हुए आप और हम सब जिम्मेदार हैं क्योंकि हम कभी निष्पक्ष न थे और न हैं , हम भी इन्हीं बातों के भक्त बने हुए हैं।
तो तय करें :- आज से हम इंसान बनना शुरू कर दें।।