जन्म : 9 अप्रैल, 1893/ निधन : 14 अप्रैल, 1963.
गुरुवार, 15 अप्रैल 2021
स्म्रति शेष महापंडित राहुल सांकृत्यायन:
न तख्तो ताज चाहिए ,न जन्नत-स्वर्ग के हसीं !
मेहनतकश सर्वहारा किसान मजदूर हूँ मैं,
हर खासोआम से कुछ कहना चाहता हूँ !
सोमवार, 12 अप्रैल 2021
निगेटिव रिपोर्ट का कमाल — 👇🏻
10 दिन की जद्दोजहद के _बाद एक आदमी अपनी
हम आत्मविनाश की ओर बड़ रहे हैं।
आज हम आत्मनिर्भरता की और नहीं वरन् आत्मविनाश की ओर बड़ रहे हैं। टेक क्रांति ने कुछ पूंजीवादियों के हाथ में असीमित मुनाफाखोरी और शोषण का हथियार दे दिया हैं,जिसे वे राजनीतिक सत्ता को साथ लेकर अंजाम दे रहें हैं। बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी,महामारी, जीने के लिए जरूरी सभी साधन इन शक्तियों के हाथों में सीमिट कर रह गये हैं।
रविवार, 11 अप्रैल 2021
*सारी नकारात्मकताऐं मिटा दी जायें,*
*एक दिन मेरा*
मुकेश अंबानी की पूँजी बहुत बढ़ी,अडानी जीरो से हीरो होगये!
विगत 7-8 साल में बहुत कुछ ऐंसा हुआ है कि भारत में कुछ अमीर लोगों का,खासकर गुजराती अमीर पहले से ज्यादा अमीर हो गये हैं!बेशक मुकेश अंबानी की पूँजी बहुत बढ़ी है,किंतु अडानी तो जीरो से हीरो बन गये!
बुधवार, 7 अप्रैल 2021
कोरोना संकट आने पर हमें मालूम पड़ा:-
ह सच जो कोरोना संकट आने पर हमें मालूम पड़ा:-
वे वास्तव में हिंदुत्व के वोट वटोरु खिलाड़ी हैं
*चींटियाँ घर बनाती हैं और साँप उसमें रहने आ जाते हैं ! *
देशभक्ति का सर्टिफिकेट
कुछ मंदमति न तो भारतीय संविधान पढ़ते हैं,न ही उन्हें भारतीय स्वाधीनता संग्राम की सेक्युलर महत्ता का ज्ञान है!और न ही उन्हें लोकतंत्र के बारे में सही ज्ञान है! वे अक्सर इस बात का रोना रोते रहते हैं कि भारत में कुछ पढ़े लिखे हिंदू सेक्युलर क्यों हैं?