मानाकि मोदीजी भाजपा और संघ सभी सवर्ण विरोधी हैं।किंतु कांग्रेस सपा और अन्य विपक्षी दल कबसे सवर्ण समर्थक हो गये?#UGC roll backआरक्षण और UGC बिल के संदर्भ में,यद्यपि आनंद रंगनाथन का यह आब्जरवेशन पूर्णतः सही है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक दूसरे से बढ़ चढ़कर आरक्षण समर्थक हैं।किंतु फिर भी भाजपा और कांग्रेस में बहुत बड़ा फर्क़ है। आमतौर पर कांग्रेस के नेता भृष्ट चरित्रहीन और देश के गद्दार हैं। वे सनातन धर्म विरोधी हैं,मुस्लिम -परस्त हैं। कांग्रेस का नेतृत्व पीढ़ियों से एक ही विशेष परिवार के कब्जे में है। वे मौकापरस्त हैं और कश्मीर को तो कांग्रेस ने लगभग बर्बाद ही कर डाला था। कांग्रेस इस्लामिक आतंकवाद और लव जिहाद का मुकाबला नही कर सकती।
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
UGC बिल के संदर्भ में
ब्राह्मण शक्ति एवं ब्राह्मणत्व को जगाने के लिए -त्याग तपस्या और बलिदान के नये कीर्तिमान स्थापित करें, अपनी वैश्विक श्रेष्ठता सिद्ध करें।
यदि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराम (क्षत्रिय), सोलह कलाओं के धारक भगवान् श्रीकृष्ण ( यादव), महर्षि बाल्मीकि ( दलित) चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त (दासी पुत्र) चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य, स्कंदगुप्त, समुद्रगुप्त (सभी वैश्य), संत सिरोमणी श्री रविदास जी ( मोची) गुरु गोविन्दसिंह जी (जाट सिख) स्वामी विवेकानंद ( कायस्थ ),स्वामी रामदेव (यादव),सम्मानित करणी सेना के पदाधिकारी (राजपूत),सोशल मीडिया एक्टिविस्ट सनातनी अंजलि यादव, सामाजिक एक्टीविष्ट -बंटी बादल ( चमार ), इत्यादि सभी समाजों के जाज्वल्यमान हिन्दू नर रत्न ब्राह्मणों का भरपूर सम्मान करते देखे गये।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और योग-योगेश्वर प्रभु श्रीकृष्ण की बेढंगी तुलनात्मक व्याख्या और विवेचना अपराध है
आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी #बागेश्वर_बाबा धन दौलत के लिहाज़ से देश में सबसे बड़े प्रवचनकर्ता हैं... लेकिन विद्याध्ययन और शास्त्रीय ज्ञान के लिहाज़ से सामान्य पुजारी से भी कम है... उनके आपत्तिजनक लहज़े और व्यासपीठ की गरिमा के विपरित अशोभनीय व्यक्तिकरण के कारण मेरी ये धारणा बहुत पहले से उनके लिए रही है...ये पुष्ट हो गई, जब उन्होंने पिछले दिनों शिवपुरी (करेरा) में किसी ऊल-जलूल बकर बोली करने वाले मसखरे (स्टेंडअप कॉमेडियन) की तरह व्यासपीठ से भगवान् श्री कृष्ण का मज़ाक उड़ाया..."हमारे वाले" यानी भगवान् श्री राम और तुम्हारे वाले श्रीकृष्ण!
यदि भारत में 'ब्राह्मण' ना होते तो हम पूरी जनता को इसाई बना देते-सेंट फ्रांसिस जेवियर
वह कौन सा लेखक था जिसने लिखा कि यदि भारत में 'ब्राह्मण' ना होते तो हम पूरी जनता को इसाई बना देते
अर्नेस्ट रेनन और राष्ट्र का विचार - भारत के लिए एक संदे
जोसेफ अर्नेस्ट रेनन (1823-1892) - फ्रांस का दार्शनिक, इतिहासकार, और भाषाविद। बचपन में कैथोलिक पादरी बनने गया, हिब्रू सीखा तो बाइबिल पर सवाल उठे और चर्च छोड़ दिया। उसकी किताब _Life of Jesus (1863)_ ने पूरे यूरोप में तूफान ला दिया - उसने कहा यीशु भगवान नहीं, एक ऐतिहासिक मनुष्य था।