सतगुरु नानक परगट्या,मिटी धुंध जग चाणनअा !
बुधवार, 9 नवंबर 2022
सतगुरु नानक परगट्या,
अपराधवृत्ति के नियन्त्रण हेतु...
शतेन पाशैरभि धेहि वरुणैनं मा ते मोच्यनृतवाङ् नृचक्षः ।
*मनुष्य की सर्वश्रेष्ठ कल्पना का नाम 'ईश्वर 'है !*
उसे सूली पर लटका आया हूँ
अपना विवेक ताक़ पर रख आया हूँ
हिंदी कविता का एंग्री यंगमैन -धूमिल
हिंदी कविता का एंग्री यंगमैन-
द्वंदात्मक भौतिकवाद और ऐतिहासिक भौतिकवाद मार्क्सवादी दर्शन ....
द्वंदात्मक भौतिकवाद और ऐतिहासिक भौतिकवाद मार्क्सवादी दर्शन के अभिन्न अंग हैं-
गुरुवार, 3 नवंबर 2022
आपने सिर्फ नफरत करना सीखा है
फ़र्ज़ कीजिये आप चाय का कप हाथ में लिये खड़े हैं और कोई आपको धक्का दे देता है तो क्या होता है? आपके कप से चाय छलक जाती है। अगर आपसे पूछा जाए कि आपके कप से चाय क्यों छलकी तो आपका जवाब होगा कि मुझे धक्का दिया।
शब्द' के हाथ न पांव!
शब्दों के दांत नहीं होते
'शब्द' के हाथ न पांव!
एक 'शब्द' 'औषधि" करे,
एक 'शब्द' 'सौ' 'घाव"!!
साहिलकी तमन्ना कौन करे !
एक ज़माना था जब हर तरक्की पसंद शायर की एक नज़्म उसका ट्रेडमार्क बन जाती थी जैसे 'मजाज़' का ट्रेडमार्क उनकी नज़्म 'आवारा' थी। उसी तरह उनके समकालीन मोइन एहसान 'जज़्बी' की नज़्म 'मौत' उनका ट्रेडमार्क थी।
काहे की धर्मनिरपेक्षता ?
भारत में जब हर एक राजनैतिक पार्टी, हर चुनाव क्षेत्र में जाति धर्म के आधार पर उम्मीदवार खड़ा करती है,चुनाव प्रचार में मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने से नही हिचकती और मतदाता भी जाती धर्म के आधारपर सिर्फ टैक्टि्कल वोटिंग करते हैं तो फिर काहे की धर्मनिरपेक्षता? दरसल भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी गणतंत्र होने की घोषणा करता है, किंतु वह सिर्फ संविधान की किताब में बंद है!
